गुड़हल के पौधे की कैसे करे देखभाल

गुड़हल के पौधे की कैसे करे देखभाल

गुड़हल के पौधे की कैसे करे देखभाल!

गुड़हल का पौधा एक उष्णकटिबंधीय पौधा श्रब्स या झाड़ी है, जिसे उसके बड़े, रंग बिरंगे फूलों के लिए जाना जाता है। इन्हें गरम तापमान अच्छा लगता है और आमतौर पर इन्हे ठण्ड के मौसम में बचाने की जरूरत पड़ती है! जब इसे बाहर लगाया जाए, गुड़हल का पौधे को ६ से ८ घंटे की सीधी धुप जरूरी होता है जिसे ये फूल देते रहते हैं ! गुड़हल का पौधे मार्च से अक्टूबर – नवंबर तक फूल देते रहते हैं !

1. मिट्टी का प्रकार

Garden Soil

गुड़हल को अम्लीय मिट्टी बहुत पसंद है, जिसकी वजह से ये पौधे जल्दी फूलता – फलता है। यदि आपके जमले की मिट्टी अम्लीय नहीं है, तो आप अपने जमले में फिटकिरी का इस्तेमाल करके स्तर बढ़ाने का प्रयास कर सकते हैं, अथवा हर १५ दिन में कम्पोस्ट का इस्तेमाल करे, जिससे आपके गमले की मिट्टी उपजाऊ रहे। इसके अलावा, ठन्डे तापमान से बचे रहने के लिए ठंढ के खतरे को खत्म करने से पहले इन पौधों को न लगाएं।

2. प्रकाश

गुड़हल के लिए सबसे अच्छा स्थान एक ऐसा स्थान होता है जो जहाँ दिन में ६ से ८ घंटे की सीधे धूप आती हो। गुड़हल के पौधे सूर्य के प्रकाश में विकसित होते हैं, इनमे कलियाँ लाने, फूल बनाने के लिए सूर्य की किरणों की आवश्यकता होती है।

3. गुड़हल को पानी देना

गुड़हल के पौधे को गमले में लगाने से पहले ये सुनिश्चित करले की उनमे पानी का निकासी हो, अगर पानी जमा होगा आपके गमले में तो आपका पौधे मर भी सकता है ! पौधे में पानी देने से पहले ऊपर की मिट्टी को छूकर मिट्टी की नमी को हर रोज चेक किया करें उसके बाद ही पानी दे ! ज्यादा पानी देने की वजह से जड़ों में कीड़े लगने की संभावना बढ़ सकती ह।

4. गुड़हल की देख भल की आवश्यक जानकारी

  • गुड़हल के पौधे फरवरी – मार्च (बसंत) से सितम्बर – अक्टूबर (बारिश) तक फूल देते हैं!
  • एक ऐसे फर्टिलाइजर की तलाश करें, जिसमें आयरन और मैग्निशियम जैसे एलीमेंट हों, जिनसे आपके गमले में हमेशा फूल लगे रहेंगे!
  • बहुत ज्यादा खाद न दे, क्योंकि बहुत ज्यादा फॉस्फोरस गुड़हल के पौधे को खत्म कर सकता है।
  • भरपूर मात्रा की धूप के साथ, गुड़हल के पौधे बसंत से बरसात तक फूल देते हैं।
  • गुड़हल के पौधे को लगाने का सबसे अच्छा समय होता है फ़ेरबरी – मार्च और अक्टूबर – नवंबर का महीना ! जब तापमान 24°C के आस पास रहता है!
  • गुड़हल के पौधे को ठण्ड से बचाना जरूर होता हैं।
  • अगर मिट्टी से अच्छे से पानी की निकासी हो रही है, तो फिर आपको उसमें और कुछ मिलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  • पानी को पौधे पर डालने के पहले उसे छूकर चेक कर लें। इन्हें ठंडा पानी नहीं पसंद, इसलिए ऐसा पानी दें जो छूने पर गुनगुना तो लगे, लेकिन बहुत ज्यादा भी गरम न हो।
  • ये पौधे बारिश का पानी पसंद करते हैं, लेकिन ये नॉर्मल पानी में अच्छे से बढ़ते हैं।

5. गुड़हल के पौधों की सामान्य समस्याएं

गुड़हल की पत्तियों के पीले होने की समस्या हो सकती है। यह अक्सर सर्दियों के महीनों के दौरान पौधे को बहुत अधिक पानी देने के कारण होता है। यदि ऐसा होता है तो पौधे में दिए जाने वाले पानी की मात्रा को कम करें। बेहद गर्म दिनों में, एक मौका यह भी है कि पौधे की पत्तियां जल जाती हैं। भले ही गुड़हल एक उष्णकटिबंधीय पौधा है, जब गर्मी ज्यादा हो 36°C के ऊपर तब आपको इसे छायादार स्थान पर ले जानेकी आवश्यकता होती है। एफिड्स, माइट्स और मिलीबग्स भी हिबिस्कस पौधों की एक सामान्य बीमारी है, यदि आप इनमे संक्रमण को नोटिस करते हैं, तो पत्तियों को साफ करने के लिए हल्के बेकिंग सोडा का छिड़काव करें या कीड़े मारने वाली दवा का इस्तेमाल करे!

 

सितम्बर में लगाए जाने वाले पौधे